Friday, March 6, 2009

कहानी- I

एक शख्स जिसे हम ज़िन्दगी के किसी हसीन मोड़ पर मिलकर भूल चुके थे, अचानक से लौट आता है और ज़िन्दगी को अपने रंग से रंग देता है। हमारे सारे दर्द वो अपना लेता है और अपनी सारी खुशियाँ हमसे बाँटता है। हमारी गुमसुम सी, अँधेरी सी ज़िन्दगी में रौशनी की किरण बनकर आता है।

कभी लगता है की ये मेहेज़ एक इत्तेफाक है की हम उस से इतने बाद मिले। और कभी ऐसा लगता है की ये कुछ और है। उसके इस तरह से आने में कहीं खुदा का कोई इशारा तो नही? ....

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